लेज़र प्रिंटर कैसे चुनें

लेज़र प्रिंटर खरीदना एक महत्वपूर्ण निवेश है जो आपकी प्रिंटिंग जरूरतों को वर्षों तक पूरा करता है। सही चुनाव के लिए प्रिंट वॉल्यूम, कनेक्टिविटी विकल्प और चलने की लागत का सही आकलन जरूरी है।

  1. अपनी मासिक प्रिंटिंग जरूरत तय करें. पिछले 3 महीने का प्रिंट काउंट देखें और औसत निकालें। होम यूज़ के लिए 500 पेज/महीना तक की जरूरत हो तो एंट्री लेवल लेज़र प्रिंटर काफी है। ऑफिस यूज़ के लिए 1000-5000 पेज/महीना के लिए मिड-रेंज मॉडल चुनें। 5000+ पेज के लिए हाई-कैपेसिटी प्रिंटर लें।
  2. मोनो या कलर प्रिंटिंग का फैसला करें. सिर्फ टेक्स्ट डॉक्यूमेंट्स प्रिंट करते हैं तो मोनो लेज़र प्रिंटर चुनें - यह सस्ता होता है और टोनर भी कम खर्चीला है। प्रेज़ेंटेशन, मार्केटिंग मैटीरियल या इमेज प्रिंट करनी हो तो कलर लेज़र प्रिंटर लें। कलर प्रिंटर में 4 अलग टोनर कार्ट्रिज होते हैं - सियान, मैजेंटा, यैलो और ब्लैक।
  3. प्रिंट स्पीड और फर्स्ट पेज आउट टाइम चेक करें. प्रिंट स्पीड PPM (Pages Per Minute) में मापी जाती है। होम यूज़ के लिए 20-25 PPM काफी है। ऑफिस के लिए 30-40 PPM बेहतर होता है। फर्स्ट पेज आउट टाइम 10 सेकंड से कम होना चाहिए। यह टाइम तब मैटर करता है जब आप सिंगल पेज या कम डॉक्यूमेंट्स प्रिंट करते हैं।
  4. कनेक्टिविटी ऑप्शन्स देखें. USB पोर्ट सभी प्रिंटर में होता है - यह डायरेक्ट कनेक्शन के लिए जरूरी है। ऑफिस में मल्टीपल यूज़र्स के लिए Ethernet पोर्ट होना चाहिए। Wi-Fi कनेक्टिविटी से मोबाइल प्रिंटिंग आसान हो जाती है। एडवांस फीचर्स के लिए Wi-Fi Direct, AirPrint और Google Cloud Print सपोर्ट चेक करें।
  5. पेपर हैंडलिंग कैपेसिटी चेक करें. इनपुट ट्रे में कम से कम 250 शीट कैपेसिटी होनी चाहिए। ऑटो डुप्लेक्स प्रिंटिंग (दोनों तरफ प्रिंट) का फीचर जरूरी है - इससे पेपर की 50% बचत होती है। आउटपुट ट्रे में भी 100-150 शीट कैपेसिटी होनी चाहिए। अलग-अलग साइज़ के पेपर के लिए मल्टीपल ट्रे का ऑप्शन देखें।
  6. टोनर कॉस्ट और यील्ड कैलकुलेट करें. टोनर कार्ट्रिज की कीमत और उसकी पेज यील्ड देखें। कॉस्ट पर पेज = टोनर कीमत ÷ पेज यील्ड। अच्छे लेज़र प्रिंटर में कॉस्ट पर पेज ₹0.50 से ₹1.50 के बीच होता है। हाई यील्ड या XL टोनर कार्ट्रिज महंगे होते हैं लेकिन कॉस्ट पर पेज कम होती है।
  7. अतिरिक्त फीचर्स और वारंटी देखें. LCD डिस्प्ले या टच स्क्रीन से ऑपरेशन आसान हो जाता है। मेमोरी एक्सपेंशन स्लॉट से बड़े डॉक्यूमेंट्स की प्रोसेसिंग तेज़ होती है। एनर्जी स्टार सर्टिफिकेशन से बिजली की बचत होती है। कम से कम 3 साल की वारंटी और आपके शहर में सर्विस सेंटर की उपलब्धता जरूर चेक करें।

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